लंबे समय से चली आ रही राजस्थान कांग्रेस का सियासी संकट सुलझने की बजाय और उलझता ही जा रहा है। सीएम अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच तकरार बढ़ती जा रही है, जो रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। कांग्रेस के नव नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए भी राजस्थान संकट बड़ी समस्या बन गई है, जिसे सुलझाना खरगे के लिए एक चुनौती सी बनती हुई दिखाई दे रही हैं। पायलट खुलेआम गहलोत पर निशाना साध रहे है, जिस वजह से कांग्रेस में उथलपुथल मची हुई है। कहा जा रहा कि पायलट गुट चाहता है कि कांग्रेस अध्यक्ष अब इन मामलों में जल्द कोई फैसला ले। लेकिन खरगे ने अभी तक कोई निर्णय लिया नहीं है, जिसके बाद अब पायलट खेमा भी अंतिम प्रयासों में जुटता नजर आ रहा है। पायलट ने कांग्रेस आलाकमान से गहलोत के कुछ वफादारों और मंत्रियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की, जिन्होंने 25 सितंबर को कांग्रेस आलाकमान द्वारा एक आधिकारिक बैठक बुलाए जाने से पहले एक समानांतर बैठक बुलाई थी।