2018 में सबसे बड़े दल होने के बावजूद कांग्रेस बहुमत के दो सीटें कम रह गईं थी। बाद में अन्य दलों के साथ मिलकर इसने सरकार तो बनाई लेकिन सिंधिया समर्थक विधायकों के पाला बदलने सरकार गिर गई। हालांकि, कांग्रेस 2023 के विधानसभा चुनावों में काफी सतर्क नजर आ रही है।