मनोज झा ने कहा कि "कई जिम्मेदार लोगों ने बात की, कल का दिन कई मायनों में बेचैन करने वाला था। घोषणा तो हमारी तरफ से होनी थी, लेकिन नए 'सरपंच', 'चौधरी साहब' (डोनाल्ड ट्रंप) ने युद्ध विराम की घोषणा कर दी। उन्होंने कश्मीर और उसके इतिहास की बात की, आप कौन होते हैं यह बात करने वाले, जब आपको बोलने का अधिकार नहीं है? यह शिमला समझौते की भावना के खिलाफ है। देश का मूड 1971 जैसा ही है, ऐसा ही रहना चाहिए।"