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Himachal Pradesh News: UP- बिहार के अधिकारियों के खिलाफ बयान घिरे मंत्री विक्रमादित्य, देनी पड़ी सफाई!

Fri, 16 Jan 2026 04:45 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में हाल ही में एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक भूचाल आया, जब लोक निर्माण मंत्री (PWD Minister) विक्रमादित्य सिंह ने यूपी और बिहार के आईएएस (IAS) व आईपीएस (IPS) अधिकारियों को लेकर तीखा बयान दिया। इस बयान के बाद वे न केवल विपक्ष, बल्कि अपनी ही सरकार के कुछ मंत्रियों और प्रशासनिक संघों (Associations) के निशाने पर आ गए।


यह विवाद तब शुरू हुआ जब विक्रमादित्य सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के एक पुराने बयान का समर्थन करते हुए लिखा "कुछ यूपी-बिहार के आला IAS-IPS अधिकारी हिमाचल में 'हिमाचलियत' की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्हें हिमाचल से कोई ज्यादा सरोकार नहीं है। समय रहते इनसे निपटने की जरूरत है, नहीं तो हिमाचल के हित प्रभावित होंगे।"

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे यहाँ 'शासक' बनने की गलती न करें, बल्कि 'सेवक' बनकर काम करें। विक्रमादित्य सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी बजट की "बंदरबांट" कर रहे हैं और केंद्र से आने वाले पैसे का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है।उन्होंने कहा कि अधिकारी निर्वाचित प्रतिनिधियों (MLAs/MPs) की बात नहीं सुन रहे हैं।  मंत्री का मानना था कि दूसरे राज्यों से आए अधिकारियों का जुड़ाव हिमाचल की संस्कृति और जनता से उतना गहरा नहीं है।


विक्रमादित्य सिंह के इस बयान ने राज्य में एक नई बहस छेड़ दी, जिसके बाद उन्हें कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा:  कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह और जगत सिंह नेगी ने उनके बयान को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को उनके मूल राज्य (Domain State) के आधार पर बांटना गलत है और इससे नौकरशाही का मनोबल गिरता है।

 हिमाचल प्रदेश के आईएएस और आईपीएस एसोसिएशन ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने इसे एक "कृत्रिम विभाजन" (Artificial Divide) बताया और सरकार से अधिकारियों की गरिमा सुरक्षित करने की मांग की। यहाँ तक कि आईपीएस एसोसिएशन ने मांग की कि विक्रमादित्य सिंह के साथ किसी आईपीएस अधिकारी को तैनात न किया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सरकार के भीतर चल रही अंतर्कलह और प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।

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