पिछले हफ्ते हिमाचल में बाढ़ और बारिश ने भारी तबाही मचाई, बहुत लोगों के घर और जिंदगियां अस्त-व्यस्त हो गई है, मंडी जिले में 30 जून आधी रात को बादल फटने से आई बाढ़ ने पूरे क्षेत्र तहस-नहस हो गया है, मंडी, कुल्लू और शिमला जिले में बादल फटने को जलवायु परिवर्तन का प्रभाव बताया जा रहा है। आपदा प्रबंधन के निदेशक डीसी राणा ने जानकारी दी कि अभी तक 400 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया है। इस बीच सबसे बड़ी प्राथमिकता राहत और बचाव था।
कहीं मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए तो कहीं लोगों ने अपनों को हमेशा के लिए खो दिया। आंखों के सामने किसा का घर बह गया तो किसी की गोद सूनी हो गई। जिन बच्चों ने उस रात स्कूल का होमवर्क किया था, अगली सुबह वह खुद लापता हो गए।