ट्रंप के नए वीजा बम से भारत के लिए सुनहरा अवसर, आखिर ये कैसे? दरहसल अमेरिका की तरफ से एच-1बी वीजा पर एक लाख डॉलर का अतिरिक्त शुल्क भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के लिए जहां एक ओर झटका माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञों ने इसे भारत के लिए सुनहरा मौका बताया है। अब आप सोच रहे होंगे ऐसा क्यों, विशेषज्ञों की माने तो अमेरिका का ये फैसला भारत में एक नई टेक क्रांति की नींव भी रख सकता है। माना जा रहा है कि जहां एक ओर हजारों परिवारों की चिंताएं बढ़ीं, वहीं दूसरी ओर भारत के लिए अवसरों के नए दरवाजे खुल सकते हैं। आपको मालूम होगा की बीते 19 सितंबर को ट्रंप प्रशासन ने अचानक एक बड़ा फैसला लिया इस बात की घोषणा की, जिसके बाद लाखों एच-1बी वीजा धारकों, उनके परिवारों के बीच चिंता की बढ़ गई। खासकर उन्हे जो भारत के युवा इंजीनियर और आईटी प्रोफेशनल्स है, ऐसे में ट्रंप का ये कदम उनके लिए एक बड़ा झटका है। बता दे कि अब तक हर साल सबसे ज्यादा एच-1बी वीजा पाने वालों में 70% से अधिक भारतीय होते हैं। वहीं आपको ये भी बता दे कि अमेरिका की ओर से एच-1बी वीजा पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के बाद अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय कर्मचारियों को अमेरिका बुलाना बहुत महंगा पड़ेगा। इसलिए वे वही काम भारत में करवाना शुरू कर सकती हैं। इससे देश में नई नौकरियां पैदा होंगी। विदेशी कंपनियां भारत में अपनी ब्रांच खोल सकती हैं या भारतीय आईटी कंपनियों से सीधे काम लेना शुरू कर सकती हैं। इससे भारतीय टेक इंडस्ट्री को बड़ा फायदा होगा। ऐसे में जो भारतीय युवा पहले अमेरिका जाना चाहते थे, वे अब भारत में ही काम करने को प्राथमिकता दे सकते हैं। इससे देश में टैलेंट रुकेगा और देश के विकास में योगदान भी देगा। बता दे कि कई कंपनियों को भारत में काम करवाने में अमेरिका की तुलना में बहुत कम खर्च आता है। ऐसे में इस कारण वे अपने प्रोजेक्ट्स भारत में शिफ्ट कर सकती हैं।