नागपुर में गुडी पाडवा का उत्सव बड़े ही उल्लास के साथ मनाया गया। इस दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2074 की शुरुआत हो चुकी है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना शुरु की थी। गुड़ी पाडवा के यदि शाब्दिक रूप को समझा जाए तो गुडी कहते हैं ध्वज को। भारत के अलग अलग राज्यों में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। मराठियों के लिए गुड़ी पाडवा, सिंधियों का चेती आनंद, कर्नाटक में उगादि, कश्मीर में नवरेह तो, मणिपुर में इस दिन को साजिबू चीरौबा के नाम से मनाते हैं।