दिल्ली में यमुना नदी लगातार पूरे उफान पर बह रही है, ओखला बैराज से एक लाख 65 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके चलते दिल्ली से सटे फरीदाबाद जिले में प्रशासन ने यमुना किनारे बसे 27 गांवों को अति संवेदनशील घोषित कर दिया है। इस दौरान अमर उजाला ने भी ग्राउंड पर उतरकर देखने की कोशिश की और जाना कि हालात बद से बदत्तर हैं। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर के 40 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से जलभराव की स्थिति बन गई है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से पानी अब तेजी से दिल्ली के इलाकों में भरता जा रहा है। अब यमुना का पानी राजधानी के निगम बोध घाट के अंदर तक पहुंच गया है। शवों के अंतिम संस्कार में भी भारी दिक्कत हो रही है। दिल्ली के बाढ़ग्रस्त इलाकों से 7,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। निकाले गए लोगों को 25 स्थानों पर ठहराया गया है। जहां पर राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। दोपहर एक बजे जलस्तर 207 मीटर तक पहुंच गया। दिल्ली में यमुना नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण दिल्ली के यमुना विहार सहित कई इलकों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिसके कारण लोगों को भारी परेशान हो रही है। वहीं पानी के लगातर बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति को देखते हुए यमुना बाजार के निवासियों को NDRF जवानों की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।