राजधानी में हवा की गति कम होने व ठंड बढ़ने ने फिजा में पीएम2.5 जहर घोलने का काम कर रहा है। ऐसे में रविवार को हवा गंभीर श्रेणी की दहलीज पर पहुंच गई। सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे से हुई। वहीं, आसमान में स्मॉग की चादर भी दिखाई दी। इसके चलते दृश्यता भी कम रही। इस दौरान लोग मास्क पहने नजर आए। साथ ही, सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 391 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें शनिवार की तुलना में 21 सूचकांक की वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर, एनसीआर में गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 437 दर्ज किया गया, यह गंभीर श्रेणी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 399, नोएडा में 418 और गुरुग्राम में 295 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 237 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 18.45 फीसदी रहा। इसके अलावा, पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण 2.47, निर्माण गतिविधियां से होने वाला 2.72 और आवासीय इलाकों की भागीदारी 4.63 फीसदी रही। सीपीसीबी के अनुसार, रविवार को हवा उत्तर दिशा से पांच किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1500 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 3800 मीटर प्रति वर्ग सेकेंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 373.3 और पीएम2.5 की मात्रा 215.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि मंगलवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। सीपीसीबी के अनुसार, राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा गंभीर और कई में बेहद खराब में रिकॉर्ड की गई।