बॉम्बे हाईकोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की वह याचिका खारिज कर दी है, जिसमें उन्होंने चीनी सहकारी मिलों पर 25000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच’ की मांग की थी। जस्टिस अभय ओका की अध्यक्षता वाली बेंच की तरफ से आपराधिक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई । इस याचिका के खारिज होने से एनसीपी अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार और उनके भतीजे अजीत पवार को काफी राहत मिली है। देखते हैं कि क्या थी अन्ना हजारे की मांग?