जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने हाल के दिनों में बिहार के विपक्षी महागठबंधन पर कई तीखे हमले किए हैं। उनके बयानों में महागठबंधन की पिछली सरकारों के कार्यकाल की आलोचना, "परिवारवादी राजनीति" पर प्रहार और बिहार के भविष्य को लेकर एनडीए (NDA) की प्रतिबद्धता पर जोर साफ तौर पर दिखाई देता है।
एक तरफ जहां बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर संजय झा ने विभिन्न मंचों से महागठबंधन, खासकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने RJD के शासनकाल को "बिहार का अंधकार युग" बताते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान राज्य में अपहरण और फिरौती एक उद्योग बन गया था, जिसके कारण बिहार विकास की दौड़ में पिछड़ गया। उन्होंने कहा कि जब देश में उदारीकरण का दौर था और अन्य राज्य आईटी और निवेश को आकर्षित कर रहे थे, तब बिहार में 'चरवाहा विद्यालय' खोले जा रहे थे, जो विकास की नकारात्मक दिशा को दर्शाता है।
संजय झा ने राष्ट्रीय स्तर पर बने 'इंडिया' गठबंधन पर भी हमला बोलते हुए कहा कि इस गठबंधन के नेता "परिवार से बाहर" नहीं देख सकते और उनके पास देश के लिए कोई ठोस विजन नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस दिन नीतीश कुमार ने इस गठबंधन को छोड़ा, उसी दिन यह गठबंधन वस्तुतः समाप्त हो गया था।
चुनावों के नजदीक आने के साथ ही संजय झा ने महागठबंधन की चुनावी संभावनाओं को भी सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने विपक्ष पर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पता है कि वे चुनावी मैदान में टिक नहीं पाएंगे। उन्होंने तेजस्वी यादव के चुनावी वादों पर तंज कसते हुए भी निशाना साधा है।
इसके विपरीत, संजय झा ने एनडीए गठबंधन की एकजुटता पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने बार-बार दोहराया है कि एनडीए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा और बिहार में अगली सरकार भी बनाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास और सुशासन का दौर देखा है और वे किसी भी हालत में पुराने दिनों में वापस नहीं जाना चाहेंगे।
संक्षेप में, जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के हालिया बयान महागठबंधन के प्रति पार्टी के आक्रामक रुख को दर्शाते हैं। वे मुख्य रूप से RJD के पिछले शासनकाल, परिवारवाद और विकास के मुद्दों को लेकर महागठबंधन को घेर रहे हैं और एनडीए के नेतृत्व में बिहार के उज्ज्वल भविष्य का खाका पेश कर रहे हैं।