बिहार के उपमुख्यमंत्री और तारापुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सम्राट चौधरी ने नामांकन से पहले रत्नेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। आपको बता दें कि बिहार के उपमुख्यमंत्री और तारापुर से भाजपा उम्मीदवार सम्राट चौधरी ने अपने नामांकन से पहले कहा, "कमल खिलाने के लिए हम कार्य कर रहे हैं। यहां पर कमल खिलता रहा है.भगवान के आशीर्वाद के साथ हमें जनता का आशीर्वाद चाहिए जो बिहार में NDA की नई सरकार बनाएगी.उम्मीदवार कौन है, आज शाम तक 100% साफ हो जाएगा. लगातार प्रक्रिया चल रही है." SIR के मुद्दे पर उन्होंने कहा, " पूरे बिहार में एक व्यक्ति ऐसा नहीं है, जिसने कहा हो कि उसका वोट कट गया हो. विपक्ष लोग केवल घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं
तारापुर सीट से सम्राट चौधरी का गहरा पारिवारिक जुड़ाव रहा है। उनके पिता शकुनी चौधरी इस सीट से छह बार विधायक रह चुके हैं। उनकी माता पार्वती देवी भी एक बार इसी सीट से विधायक चुनी गई थीं। 1985 से 2005 तक यह सीट काफी हद तक चौधरी परिवार के कब्जे में रही थी।
नामांकन के दौरान, पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज नेता मौजूद रहे, जिनमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, दिल्ली के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, गिरिराज सिंह और उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा शामिल थे। नामांकन दाखिल करने के बाद, गाजीपुर मैदान में एक जनसभा भी आयोजित की गई, जहाँ उन्होंने जनता को संबोधित किया। यह सीट भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है और इस पर मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है।
सम्राट चौधरी कुशवाहा (कोइरी) समाज से संबंध रखते हैं और बिहार की राजनीति में एक कद्दावर नेता माने जाते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक नीतीश कुमार को सत्ता से हटा नहीं देते, तब तक वह अपना मुरैठा (पगड़ी) नहीं खोलेंगे। हालांकि, अब वह नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं।