हुमायूं कबीर, जो कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित विधायक हैं, ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा/रेंजी नगर में नई बाबरी मस्जिद की नींव रखने का ऐलान किया है। उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए 6 दिसंबर की तारीख चुनी, जो कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस की बरसी है। कबीर ने दावा किया है कि यह मस्जिद 25 बीघा जमीन पर बनाई जाएगी और इसके निर्माण में लगभग तीन साल लगेंगे। मस्जिद के अलावा, इस परिसर में इस्लामिक अस्पताल, मुसाफिरखाना, होटल कम रेस्टोरेंट, हेलीपैड और मेडिकल कॉलेज भी बनाने की योजना है। हुमायूं कबीर ने इस कार्यक्रम की घोषणा करते हुए तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती दी थी कि वे उन्हें रोक कर दिखाएँ।
उनके इस ऐलान के बाद, तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था, लेकिन कबीर अपने फैसले पर अडिग रहे और कहा कि वह निर्धारित योजना के अनुसार नींव रखेंगे। उन्होंने यह भी धमकी दी थी कि अगर उन्हें रोका गया तो वे एनएच-34 को मुसलमानों के नियंत्रण में कर देंगे। इस मामले को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसमें हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर छोड़ दी। इस घोषणा के बाद से मुर्शिदाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस, आरएएफ (RAF) और बीएसएफ (BSF) को तैनात किया गया है। कबीर के समर्थक मस्जिद निर्माण के लिए ईंटें लेकर मार्च करते हुए भी देखे गए हैं, और उन्होंने इस शिलान्यास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों (करीब 3 लाख) के जुटने का दावा किया था, जिसमें कई मुस्लिम नेताओं के शामिल होने की बात भी कही गई थी। हुमायूं कबीर ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इसे अपना संवैधानिक अधिकार बताया है।
उन्होंने कहा कि यदि मैं सरकारी धन लूंगा तो बाबरी मस्जिद की पवित्रता पर असर पड़ेगा उन्होंने कहा, "मैं आज बाबरी मस्जिद की नींव रखूंगा.मैं कुछ नहीं कहूंगा। पुलिस मेरा साथ दे रही है। मैंने उनसे पहले ही बात कर ली है। कल कलकत्ता हाई कोर्ट के ऑर्डर के बाद, पुलिस मेरा साथ दे रही है। उन्होंने मुझे सिक्योरिटी दी है."