अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में शनिवार को एक सनसनीखेज और संवेदनशील घटना सामने आई, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया। मंदिर के दक्षिणी परकोटे के पास एक युवक द्वारा नमाज पढ़ने की कोशिश किए जाने का मामला सामने आया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते उसे रोक लिया, जिससे वह अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सका। घटना के तुरंत बाद पूरे मंदिर परिसर की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के मुताबिक, जब सुरक्षाकर्मियों ने युवक को नमाज पढ़ने से रोका, तो वह कथित तौर पर संप्रदाय विशेष के नारे लगाने लगा। स्थिति को बिगड़ता देख सुरक्षा बलों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को दबोच लिया और तुरंत थाना रामजन्मभूमि पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद युवक से पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम द्वारा पूछताछ शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान अब्दुल अहमद शेख उर्फ अबू अहमद शेख के रूप में हुई है। उसके पास से मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के निवासी के रूप में की गई है। इस घटना की पुष्टि करते हुए एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं, अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि आरोपी से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वह कहां से आया, किस उद्देश्य से मंदिर परिसर में पहुंचा और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।
सूत्रों के मुताबिक, युवक ने मंदिर के दक्षिणी परकोटे के पास नमाज पढ़ने की कोशिश की थी। हालांकि, इस बात की अभी तक जिला प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासन ने फिलहाल इस मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से परहेज किया है। इसके बावजूद, घटना की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं करना चाहतीं।
राम मंदिर परिसर पहले से ही उच्च सुरक्षा क्षेत्र माना जाता है। यहां बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैनात है, जिसमें केंद्रीय बलों के साथ-साथ राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियां लगातार निगरानी करती रहती हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति का इस तरह का प्रयास करना सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
खुफिया सूत्रों का कहना है कि आरोपी से उसके यात्रा रूट, अयोध्या आने के उद्देश्य, संपर्कों और सोशल मीडिया गतिविधियों के बारे में विस्तार से पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि वह अकेले ही यह कदम उठाने आया था या इसके पीछे कोई संगठन अथवा नेटवर्क सक्रिय था।
घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा और सख्त कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आने-जाने वालों की जांच और कड़ी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और श्रद्धालुओं को किसी तरह की घबराने की जरूरत नहीं है।
फिलहाल, पुलिस और खुफिया एजेंसियां हर एंगल से मामले की जांच कर रही हैं। पूछताछ पूरी होने और जांच आगे बढ़ने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह घटना महज एक व्यक्ति की हरकत थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है।