भारतीय वॉलीबॉल महासंघ (बीएफआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के 2,803 पात्र परिवारों को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने अपना अंशदान जारी नहीं किया। उन्होंने कहा कि इसके कारण हजारों गरीब परिवारों के पक्के मकान अधूरे हैं या उनका निर्माण शुरू ही नहीं हो सका। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कुटलैहड़ क्षेत्र के 2,803 पात्र परिवारों की सूची केंद्र सरकार को भेजी गई थी। उनके अनुसार भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के प्रयासों से इन सभी परिवारों को योजना की मंजूरी मिली और केंद्र सरकार की ओर से लाभार्थियों के खातों में निर्धारित राशि भी भेज दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले हिस्से की राशि जारी नहीं की गई, जिससे लाभार्थियों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है, लेकिन राज्य सरकार की कथित उदासीनता के कारण कई परिवार आज भी अपने घरों का निर्माण पूरा नहीं कर पाए हैं। पूर्व मंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अनेक परिवार अब भी राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कें और संपर्क मार्ग अब तक पूरी तरह बहाल नहीं हो सके हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों का लंबित अंशदान शीघ्र जारी किया जाए और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।