बुधवार को जिला मुख्यालय पर पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए ऊना सदर के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा धर्म का राजनीतिक लाभ उठाने के लिए सुनियोजित रणनीति के तहत कुछ कथावाचकों और कुछ तथाकथित संतों को आगे कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में खुलकर बयान दिया और कहा कि जब उन्होंने भाजपा की कथित नीतियों और आचरण पर सवाल उठाए तो उनके खिलाफ दुष्प्रचार शुरू कर दिया गया। रायजादा ने आरोप लगाया कि चुनावी समय में धार्मिक मंचों का इस्तेमाल कर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है, जो लोकतंत्र और सनातन परंपरा दोनों के लिए चिंताजनक है। भाजपा ने अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार कुछ लोगों को संत और बाबा के रूप में प्रस्तुत कर सनातन धर्म से जुड़े लोगों की भावनाओं का दोहन किया है। रायजादा ने कहा कि देशभर में सक्रिय अधिकांश कथावाचक प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं और चुनावी माहौल में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का काम करते हैं। रायजादा ने कहा कि जब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने धर्म और राजनीति के गिरते स्तर पर टिप्पणी करते हुए भाजपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, तो उनके खिलाफ भाजपा समर्थित तथाकथित संतों द्वारा दुष्प्रचार शुरू कर दिया गया। रायजादा ने कहा कि राजनीति और धर्म दोनों ही ऐसे क्षेत्र हैं, जहां शुचिता, पारदर्शिता और उच्च विचारों की आवश्यकता है।