माघ महीने में तीर्थों में स्नान, दान करने से मिलता है शुभ फल : बाबा बाल
राधा-कृष्ण मंदिर कोटला कलां में एकादशी कथा और संकीर्तन में किया मार्गदर्शन
संत बाबा बाल ने भक्तों को सुनाई कथा, बोले-एकादशी व्रत करने से होती है भगवान की प्राप्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। राधा-कृष्ण मंदिर कोटला कलां में शनिवार को पुत्रदा एकादशी कथा और संकीर्तन का आयोजन किया गया। संत बाबा बाल ने श्रद्धालुओं को एकादशी कथा और महात्म्य सुनाया। वहीं, श्रद्धालुओं ने हरे-कृष्णा, हरे-कृष्णा नाम का जाप किया। करो नंदलाल का सिमरन भजन सुनकर संगत निहाल हुई।
संत बाबा बाल ने बताया कि माघ महीने में तीर्थों में स्नान, दान करने का महात्म्य है। माघ महीने में भगवान का नाम जपने और सिमरन करने से मनुष्य को शुभ फल प्राप्त होता है। 13 को लोहड़ी पर्व और 14 को संक्रांति है। वहीं, 25 जनवरी को षट्तिला एकादशी है। माघ महीने में आने से इस एकादशी का विशेष महत्व है। एकादशी व्रत करने और कथा सुनने से प्राणी को भगवान की प्राप्ति होती है। एकादशी पर सारा दिन भगवान के नाम का जप और सिमरन करना चाहिए। ध्यान और सद्ग्रंथों का स्वाध्याय करना चाहिए। अगर एकादशी के पूर्ण नियमों का पालन नहीं किया जाए तो व्रत का उतना फल नहीं प्राप्त होता है जितना एकादशी का महात्म्य है। श्रद्धालुओं को पुत्रदा एकादशी का महात्म्य सुनाते हुए कहा कि इस व्रत के पुण्य से मनुष्य तपस्वी, विद्वान, धनवान, पुत्रवान बनता है। यह व्रत करने से पुत्र सौभाग्यशाली और दीर्घायु होता है। पुत्र को रोग दोष से छुटकारा मिलता है। बताया कि संतान के सुख सौभाग्य के लिए प्रत्येक पुत्रवान माता-पिता को यह व्रत करना चाहिए।