पौष माह में 15 दिसंबर से वर्जित थे विवाह, उपनयन समेत सोलह संस्कार
सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने पर 14 जनवरी से शुरू होंगे मांगलिक कार्य, 16 जनवरी से विवाह के मुहूर्त
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सूर्य देव के 14 जनवरी मंगलवार से मकर राशि में गोचर करने से मकर संक्रांति मनाई जाएगी। मकर संक्रांति से एक महीने बाद मांगलिक कार्य शुरू होंगे। विवाह के लिए लोगों को मकर संक्रांति के बाद शुभ मुहूर्त मिलेंगे। लोग गृह प्रवेश, नया कार्य शुरू करना और विवाह, उपनयन समेत 16 संस्कार कर सकेंगे।
सूर्य देव 15 दिसंबर यानी पौष माह से धनु राशि में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में पौष महीने को अशुभ दिनों में गिना जाता है। ऐसे में सगाई, बेटी की विदाई, मुंडन, उपनयन समेत सभी 16 संस्कार वर्जित रहते हैं। सूर्य देव के मकर राशि में गोचर से एक महीने बाद दोबारा मांगलिक कार्य शुरू होंगे। मकर संक्रांति को उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता है। संक्रांति से सूर्य देव उत्तर दिशा की ओर अग्रसर होते है। मकर संक्रांति पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है। संक्रांति का यह पर्व खुशहाली लेकर आता हैं।
ज्योतिषाचार्य राजेश भारद्वाज ने बताया कि सूर्य देव 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। यह दिन मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाएगा। संक्रांति से माघ महीना शुरू होगा। उन्होंने बताया कि एक महीने बाद मांगलिक कार्य शुरू होंगे। ऐसे में लोग शुभ मुहूर्त देखकर विवाह संस्कार, गृह प्रवेश जैसे कार्य शुरू कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जनवरी महीने में 16, 17, 18, 19, 21, 22, 24, 30, फरवरी में 4, 7, 13, 14, 15, 18, 19, 20, 21 और 25 को शुभ मुहूर्त हैं। मार्च महीने में मात्र तीन दिन 3, 5, 6 को ही शुभ मुहूर्त है। इन मुहूर्त में ग्रहों की स्थिति को देखकर विवाह और शुभ कार्य कर सकते हैं।