चालक-परिचालक यूनियन परवाणू ने गेट मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने मांगे पूरी न होने पर नारेबाजी की। एकजुटता का परिचय देते हुए कहा कि सरकार की ओर से चालक और परिचालकों को न तो ओवर टाइम दिया जा रहा है और न ही भत्ते। इससे अब काफी दिक्कतें आ गई है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय यूनियन के आदेश अनुसार आठ घंटे के काम करने की सहमति बनी है। यूनियन के पद अधिकारियों ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगे नहीं मानेगी तो एचआरटीसी का ड्राइवर कंडक्टर एक अगस्त से रात्रि सेवा पर नहीं जाएगा और आठ घंटे ही सेवाएं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी और कर्मचारी परेशान हो चुका है। मानसिक तनाव में आ गया है। यूनियन ने मुख्यमंत्री व निगम के उच्चाधिकारियों से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द लंबित मांगों का समाधान करें।