पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी और अर्जुन अवॉर्ड विजेता खिलाड़ी अशोक ध्यान चंद ने कहा कि देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी पर एस्ट्रोटर्फ यानी आर्टिफिशियल ग्राउंड हावी हो गया है। इससे खेल में युवाओं का क्रेज कम हो रहा है। अब यह कलाई नहीं बल्कि पावर गेम बन गया है। खेल में कलाई का इस्तेमाल कम हो गया है और पावर का इस्तेमाल को बढ़ा दिया है। कुछ ही देर में खिलाड़ी हांफ जाते हैं, साथ ही एस्ट्रो टर्फ मैदान के कारण हॉकी खेल विपरित दिशा में जा रहा है। आठ करोड़ से बनने वाले इस ग्राउंड को तैयार करने में सरकारें भी असमर्थ दिखाई दी हैं। मैदान तैयार न होने से प्रतियोगिताएं भी काफी पीछे छूट गई है। अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और ओलंपियाड में इस खेल को एस्ट्रो टर्फ मैदान में ही खेला जाता है।