उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह में आयोजित बिजट महाराज हरियाली मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या लोकगीतों और पहाड़ी संगीत के रंग में रंगी रही। हिमाचली लोक गायक सुरेश शर्मा की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में ऐसा समां बांधा कि दर्शक देर रात तक झूमते रहे। सुरेश शर्मा ने सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत ‘मेरी मां, मां दे मंदिर जाना’ गीत से की। इसके बाद उन्होंने हिमाचली, सिरमौरी और लोकगीतों की एक के बाद एक प्रस्तुतियां दीं। उनके चर्चित गीत ‘गोरा-गोरा मुखड़ा तेरा, देखियो जिवणा हुआ हराम’ पर पंडाल में मौजूद दर्शक जमकर नाचे। तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा मेला परिसर गूंज उठा। कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकार हरिचंद चौहान ने पहाड़ी गीतों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। दीपक चौहान ने सूफी, हिंदी और पहाड़ी गीत पेश कर खूब वाहवाही बटोरी। वहीं सुरजन चौहान ने भी पहाड़ी गीतों की प्रस्तुतियों से सांस्कृतिक संध्या में लोक संगीत की छटा बिखेरी। कलाकारों की प्रस्तुतियों के दौरान युवा ही नहीं, बल्कि बुजुर्ग दर्शक भी तालियों और नृत्य के जरिए कलाकारों का उत्साह बढ़ाते नजर आए। देर रात तक कार्यक्रम स्थल पर दर्शकों की भीड़ बनी रही। सांस्कृतिक संध्या में जल शक्ति विभाग के ठेकेदार एवं समाजसेवी सूरत सिंह कंठ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपनी ऐच्छिक निधि से मेला कमेटी को 1 लाख 11 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। इस अवसर पर रणवीर सिंह, ललित कंठ, मेला कमेटी अध्यक्ष तपेंद्र चौहान, संगड़ाह ग्रामीण पंचायत प्रधान तपेंद्र राणा, रामलाल शर्मा, जयगोपाल शर्मा, रणजीत सिंह, कुशल सिंह और सत्यानंद भारद्वाज सहित कई लोग मौजूद रहे।