दून-पांवटा क्षेत्र में धान की रोपाई ने रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार दोपहर हुई झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी ला दी। दोपहर बाद किसान अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर खेतों में पहुंच गए और रोपाई में जुट गए। दून-पांवटा क्षेत्र प्रदेश का प्रमुख कृषि प्रधान इलाका है, जहां गेहूं, गन्ना और धान की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। यमुना, गिरि, बाता और टौंस नदियों से घिरा यह क्षेत्र समतल भू-भाग होने के कारण खेती के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है। प्रदेश में ऊना और पांवटा ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं, जहां विशाल समतल भूमि पर मौसम के अनुरूप विभिन्न फसलों की खेती की जाती है। बारिश के बाद फूलपुर, नवादा, बांगरण, डोरियोंवाला, सूरतगढ़, श्यामपुर, माजरी, भूड़ी, मानपुर देवड़ा और खादर सहित कई गांवों में धान की रोपाई का कार्य तेज हो गया। किसान ओमप्रकाश, बृजेश कुमार, बनवारी, नरेंद्र कुमार, दिनेश, राजा राम और जगदीश ने बताया कि समय पर हुई बारिश धान की फसल के लिए बेहद लाभदायक है। उनका कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा तो इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है।