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नाहन: रवि शर्मा बोले- यह ट्रेड डील नहीं, विदेशी ताकतों के आगे सरेंडर डील

किसान कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष रवि शर्मा ने शुक्रवार को नाहन में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान केंद्र सरकार की नई ट्रेड डील पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने इस समझौते को भारत के कृषि इतिहास का सबसे आत्मघाती कदम बताते हुए इसे ट्रेड डील के बजाय सरेंडर डील करार दिया। रवि शर्मा ने सीधे शब्दों में कहा कि इस सौदे की नींव में देश के करोड़ों किसानों और विशेषकर हिमाचल के बागवानों की कुर्बानी लिखी गई है। उन्होंने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदु रखे। रवि शर्मा ने खुलासा किया कि पहले जहां आयातित वस्तुओं पर 25 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक भारी टैरिफ लगता था, उसे अब घटाकर शून्य कर दिया गया है। इसके विपरीत एक्सपोर्ट ड्यूटी को 2.09 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। यह सीधे तौर पर भारतीय उत्पाद को बाजार से बाहर करने की साजिश है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका अपने किसानों को 200 प्रतिशत तक सब्सिडी देता है। जब अमेरिका का सस्ता सेब भारतीय मंडियों में उतरेगा, तो हिमाचल का बागवान बर्बादी की कगार पर खड़ा होगा। मंडियों में हमारा सेब सड़ जाएगा और उसे कोई पूछने वाला नहीं होगा। रवि शर्मा ने तंज कसा कि इस डील से अमेरिका का कृषि क्षेत्र तो चमकेगा, लेकिन हिमाचल की आय आधी से भी कम रह जाएगी। सरकार ने अमेरिका के लिए भारत के दरवाजे ही नहीं खोले, बल्कि अपनी खेती की चाबियां भी उन्हें सौंप दी हैं। यह नीति हिमाचल की आर्थिकी की रीढ़ तोड़ने वाली है।

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