हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही जिला मुख्यालय नाहन और इसके आसपास के कई क्षेत्रों में बुधवार सुबह से ही झमाझम बारिश का दौर जारी है। इस वर्षा से जहां तपती गर्मी से राहत मिली है और मौसम सुहाना हो गया है, वहीं किसानों और बागवानों के चेहरे पर भी रौनक लौट आई है। गौरतलब है कि सिरमौर जिला का लगभग 70 प्रतिशत भू-भाग असिंचित है। यहाँ के किसान पूरी तरह से मौसमी वर्षा पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसे में मानसून की यह पहली फुहार क्षेत्र की नगदी फसलों और फलों के पौधों के लिए अमृत समान मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस बारिश से फसलों के पोषण को भारी लाभ पहुंचेगा। लंबे समय से चल रहे सूखे के कारण जिले के अधिकांश पारंपरिक जलस्रोत सूखने की कगार पर पहुँच चुके थे। इस बारिश के बाद सूखे जलस्रोतों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है। प्राकृतिक स्रोतों के रीचार्ज होने से आने वाले दिनों में क्षेत्र में पेयजल की किल्लत काफी हद तक दूर हो जाएगी।