सेब उत्पादक संघ लोकल कमेटी बाली चौकी की बैठक अध्यक्ष ओमचंद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र सिंह राणा विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक में जमीन और जमीन से जुड़े मुद्दे व सेब की खेती को लेकर गहनता से चर्चा की गई। सरकार की नीतियों के चलते सेब की खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जारी है। सरकार न्यायालय के नाम पर किसानों और बागवानों को जमीन से बेदखल कर रही है। लगभग 40-40 वर्ष के पौधे बेदर्दी से काटे जा रहे हैं। सेब उत्पादक संघ लोकल कमेटी बाली चौकी लोगों को जमीन से बेदखल करने व सेब के पौधे के काटने की कड़े शब्दों में निंदा करती है। इसके साथ-साथ कई स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की गई । इस बरसात में बड़े पैमाने पर जमीन और फसलों का नुकसान हुआ है। दुर्भाग्य यह है कि राजस्व विभाग ने अभी तक इस नुकसान का आकलन नहीं किया है ।कई लोग पूरी तरह से बेघर हो गए हैं। बहुत सी सड़के अभी तक बंद पड़ी हुई है जबकि सेब का सीजन पूरी तरह से तैयारी पर है। लेकिन प्रशासन की इस सीजन को लेकर कोई तैयारी नहीं है। अभी तक प्रशासन ने पर किलोमीटर पर किलोग्राम के हिसाब से किराया तय नहीं किया है। उद्यान विभाग में ना ही दवाइयां है और ना ही सेब के बगीचे को रोगों से बचने की कोई योजना है ।इसलिए इन मांगों को लेकर सेब उत्पादक संघ बाली चौकी 28 जुलाई को बाली चौकी में मांग पत्र सौंपेगी। और उपमंडल अधिकारी नागरिक को विभिन्न विभागों की बैठक करवाने का आग्रहकिया जाएगा। 29जुलाई 2025 को बाली चौकी से सचिवालय का घिराव करने के लिए दर्जनों किसान बागवान जाएंगे। बैठक में ओमचंद, यदुनंदन राय, प्रकाश चंद, धर्मचंद, हीरालाल, लाल सिंह, प्रिंस दीवान चंद ,टीकम राम सहित कई लोग उपस्थित रहे।