पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रदेश में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों की संख्या घटाने वाले बयान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि गजब की सरकार है, जो यूपीएससी से चयनित नए अधिकारियों को लेने से इन्कार कर रही है, जबकि भ्रष्टाचार के आरोप झेल चुके अधिकारियों को बार-बार सेवा विस्तार दी जा रही है। जयराम ठाकुर ने एक पूर्व आईएएस अधिकारी का नाम लिए बिना कहा कि जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो इसी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाते थे। अब यही अधिकारी सरकार के इतने प्रिय हैं कि उन्हें लगातार एक्सटेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का कार्यकाल करीब एक वर्ष बचा है, जबकि संबंधित अधिकारी को दो वर्ष की एक्सटेंशन दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अधिकारियों के खर्चे में कटौती की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने आसपास खड़ी खर्च की फौज दिखाई नहीं दे रही। चेयरमैन और वाइस चेयरमैन को कैबिनेट रैंक देकर सरकारी खर्च बढ़ाया गया है। इसके अलावा मित्रों को सरकारी ओहदों पर नियुक्तियां दी जा रही हैं। जयराम ने कहा कि अगर खर्च कम करना है तो शुरुआत मुख्यमंत्री को अपने से करनी चाहिए। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार ने मित्रों की नियुक्तियों का सिलसिला अब भी जारी रखा है। सीपीएस की नियुक्तियां भी गैरकानूनी ढंग से कर प्रदेश के पैसे का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि लगातार मंत्रिमंडल विस्तार की बातें की जा रही हैं, लेकिन मंत्री नहीं बनाए जा रहे। मुख्यमंत्री खुद अपना उपहास बना रहे हैं और उनकी नीतियों से प्रदेश को भारी नुकसान हो रहा है।