कमरूघाटी में शनिवार दोपहर बाद भारी ओलावृष्टि होने से किसानों-बागवानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। क्षेत्र में 20 मिनट हुई भारी ओलावृष्टि से सेब समेत अन्य नकदी फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। चैलचौक, गोहर, सरोआ, कुटाहची, जहल, धंग्यारा, थुनाग, बगस्याड, रोहांडा समेत आसपास के क्षेत्रों में ओलावृष्टि ने कहर बरपाया। ओलों से सेब के फल जमीन पर गिर गए। सेब के पत्ते भी जमीन पर गिर गए। बागवान डोले राम, महेंद्र कुमार, दीवान चंद, परम देव, मनोज कुमार, सुरेश शर्मा और यादविंदर ने बताया कि शनिवार बागवानों के लिए कहर बनकर बरसा। इस बार कमरूघाटी के अलावा जिले के अन्य सेब उत्पादित क्षेत्रों में ओलों ने कहर बरपाया है। इससे बागवानों को निराशा हाथ लगी है। नाचन फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के उप प्रधान प्रेम ठाकुर ने बताया कि ओलावृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ है। उधर जिले के अन्य ब्लॉकों में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कृषि विषय वाद विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है।