जिस भी शहर या स्थान पर गर्ल्स और ब्वॉयज स्कूल अलग-अलग हैं और प्रदेश सरकार उन्हें सीबीएसई बोर्ड के अधीन लाने जा रही है, वहां पर उन स्कूलों को पहले सह-शिक्षा के दायरे में लाया जाएगा। इस संदर्भ में शिक्षा विभाग ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। मंडी में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि इसके पीछे सरकार की मंशा यह है कि एक स्कूल को सीबीएसई बोर्ड के अधीन रखा जाए और दूसरे स्कूल को एचपी बोर्ड के अधीन। ताकि बच्चे अपनी इच्छा और सुविधानुसार अपने बोर्ड का चयन करके शिक्षा ग्रहण कर सकें। बता दें, मंडी शहर में भी गर्ल्स और ब्वॉयज स्कूलों को मर्ज करके सह-शिक्षा बनाया जा रहा है। इनमें से एक स्कूल सीबीएसई जबकि दूसरा एचपी बोर्ड के अधीन रहेगा।