करसोग की घटना, खुलकर सामने आई गुटबाजी
अनुसाशनहीनता को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को करवाया जाएगा अवगत : मुज्जफर गुजर
संवाद न्यूज एजेंसी
करसोग (मंडी)। करसोग में बुधवार देर शाम पर्यवेक्षक के सामने ही कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। नौबत यहां तक पहुंच गई कि मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा। जब तक पुलिस पहुंची, इससे पहले ही मामला शांत करवा हो गया था। पार्टी पर्यवेक्षक मुज्जफर गुज्जर के समक्ष करसोग कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर उजागर हो गई। पर्यवेक्षक यहां संगठनात्मक चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं की राय जानने के लिए पहुंचे हुए थे।
पार्टी पर्यवेक्षक मुज्जफर गुज्जर ने कार्यकर्ताओं से बरल स्थित लोक निर्माण मंडल विश्राम गृह में मुलाकात की। इस दौरान सैकड़ों कार्यकर्ता पहुंचे। एक-एक कर कार्यकर्ताओं से राय जानने की कोशिश की गई। कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते हुए रात करीब 8:00 बजे पर्यवेक्षक कक्ष में ही कुछ कार्यकर्ता किसी बात को लेकर आपस में उलझ गए और एक दूसरे से हाथापाई पर उतर गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पर्यवेक्षक ने कार्यक्रम को स्थगित कर दिया और माहौल को शांत करवाने के लिए पुलिस को बुलवा लिया। हालांकि पुलिस के आने तक माहौल शांत हो गया था।
पार्टी में इस तरह की अनुशासनहीनता को लेकर पर्यवेक्षक मुज्जफर गुज्जर ने कहा कि मामले को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष रखा जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की अनुशासनहीनता देखने को न मिले। कहा कि बुधावार रात वे कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे थे तो एकाएक कुछ कार्यकर्ता उनके कक्ष में ही उलझना शुरू हो गए। यह किसी भी तरह से सही नहीं था। ऐसा करने पर उन्हें कमरे से बाहर निकाला गया। कहा कि संगठन में अनुशासन का होना बेहद जरूरी है। इसे सुनिश्चित किया जाएगा।