हिमाचल प्रदेश के युवा एंड्योरेंस एथलीट अंजेश जोशी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। कांगड़ा के रैत स्थित झरेड़ पंचायत के अंजेश जोशी ने फिलीपींस के सुबिक बे में आयोजित आयरनमैन 70.3 प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक पूरा कर अपनी फिटनेस और दृढ़ संकल्प का लोहा मनवाया है। दुनिया की सबसे कठिन सहनशक्ति परीक्षाओं में शुमार इस रेस को अंजेश ने 6 घंटे 13 मिनट 53 सेकंड में पूरा किया। उन्होंने 30-34 वर्ष आयु वर्ग में 52 प्रतिभागियों के बीच 22वां स्थान हासिल किया, जबकि कुल 470 खिलाड़ियों में वे 142वें स्थान पर रहे। पेशे से मरीन इंजीनियर अंजेश जोशी के लिए यह सफर आसान नहीं था। समुद्र में नौकरी के कारण नियमित प्रशिक्षण के लिए समय और स्थान की कमी सबसे बड़ी चुनौती थी। रैत पहुंचने पर शाहपुर के विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने स्थानीय जनता के साथ अंजेश जोशी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक ने उन्हें शाल एवं हिमाचली टोपी पहनाकर सम्मानित किया तथा उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि अंजेश ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति से क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। पेशे से मरीन इंजीनियर अंजेश ने समुद्र में नौकरी के दौरान जहाज पर उपलब्ध सीमित संसाधनों के बीच ट्रेडमिल और स्टेशनरी बाइक के सहारे महीनों तक कठिन अभ्यास किया। रेस में तैराकी के दौरान भीड़ और साइकिलिंग में तेज हवाओं का सामना करते हुए उन्होंने अपनी फिटनेस का बेहतरीन प्रदर्शन किया। यह है आयरनमैन 70.3 प्रतियोगिता इस प्रतियोगिता में एथलीट को बिना रुके 1.9 किलोमीटर तैराकी, 90 किलोमीटर साइकिलिंग और 21.1 किलोमीटर की हाफ मैराथन पूरी करनी होती है। इसे शारीरिक और मानसिक क्षमता की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। अंजेश जोशी ने साइकिलिंग 3 घंटे 15 मिनट और हाफ मैराथन 2 घंटे 2 मिनट में पूरी की।