धर्मशाला के कन्या विद्यालय को बॉय स्कूल में मर्ज करने के प्रस्ताव के खिलाफ छात्राओं और अभिभावकों का गुस्सा सड़कों पर नजर आया। सोमवार को छात्राओं और अभिभावकों ने रैली निकालकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं और अभिभावकों ने कहा कि वे किसी भी सूरत में बाल स्कूल में पढ़ाई करने नहीं जाएंगी। उनका कहना था कि लड़कों के स्कूल का माहौल अलग होता है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा पर असर पड़ सकता है। अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि यह फैसला छात्राओं के हित में नहीं है और इसे जल्द वापस लिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि वे आज ही सरकार के प्रतिनिधियों से मिलकर अपनी बात रखेंगे। यदि आने वाले दिनों में इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया और स्कूल को दोबारा शुरू नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की प्रधान सुमिता पठानिया भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि छात्राओं के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और गर्ल्स स्कूल को मर्ज नहीं करना चाहिए।