पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाला अरनव कुमार दिन भर स्कूल में पढ़ाई करने के बाद शाम को पर्यावरण को स्वच्छ बनाने का कार्य करता है। साथ ही सैलानियों को कूड़ा-करकट खुले में फेंकने की बजाए कूड़ेदान में डालने के लिए प्रेरित करता है। पर्यटन नगरी डलहौजी के डैनकुंड पर रोजाना सैकडों की संख्या में सैलानी घूमने के लिए पहुंच रहे हैं। ये सैलानी पानी की खाली बोतलों के साथ अन्य कूड़ा-करकट इस सुंदर क्षेत्र में फेंककर चले जाते हैं। इसे साफ करने के लिए यह सातवीं कक्षा में पढ़ने वाला बच्चा शाम को वहां पर डट जाता है। अरनव स्कूल के बाद सीधे डैनकुंड में स्थित पोहलानी माता के मंदिर में पहुंच जाता है। जहां से अपने स्वच्छता अभियान की शुरुआत करता है। अरनव कुमार ने बताया कि वह अपने इलाके को स्वच्छ व सुंदर देखना चाहता है। इसके लिए वह रोजाना कूड़ा-करकट उठाता है। साथ ही सैलानियों को भी गंदगी नहीं फैलाने के लिए जागरूक करता है।