बा के मसरूंड में कशमल न निकालने को लेकर लोगो का जागरूक करती वन विभाग की टीम।
चंबा। कशमल की जड़ों के अवैध दोहन की जांच में शिकायतकर्ता वन विभाग का सहयोग करने में आनाकानी कर रहे हैं। जब शुक्रवार को वन मंडल अधिकारी चंबा कृतज्ञ कुमार अपने 30 कर्मचारियों की टीम लेकर झुलाड़ा में कशमल की जड़ों के अवैध दोहन की जांच करने के लिए पहुंचे तो उन्होंने वहां पर पाया कि सरकारी वन भूमि से कहीं भी कशमल की जड़ें नहीं निकाली गई हैं। इसको लेकर उन्होंने सबसे पहले शिकायतकर्ता को फोन किया और उन्हें इस जांच में शामिल होने के लिए बुलाया। इसके लिए शिकायतकर्ता को लाने के लिए उनके घर तक गाड़ी भेजने की भी बात कही लेकिन शिकायतकर्ता इस जांच में शामिल होने के बजाय टालमटोल करते हुए नजर आया। जब उन्होंने शिकायतकर्ता को बताया कि जिस स्थान पर वह बार-बार कशमल की जड़ें अवैध रूप से निकालने को लेकर शिकायत कर रहे थे, उस स्थान पर तो सरकारी भूमि से कशमल की जड़ें निकाली ही नहीं जा रही हैं। इसको लेकर शिकायतकर्ता ने उन्हें तर्क दिया कि वहां पर नहीं किसी दूसरे स्थान पर कशमल की जड़ें निकाली जा रही हैं। जब वहां जाने के लिए कहा तो वह वन मंडल अधिकारी को यह कहने लगे कि वह अभी कहीं व्यस्त हैं।
वन मंडल अधिकारी कृतज्ञ कुमार ने बताया कि कशमल की जड़ें निकालने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जा चुका है। मसरूंड रेंज के झुलाड़ा और खव्वाली में अवैध रूप से सरकारी भूमि से कशमल की जड़ें निकालने की शिकायत झूठी निकली। उन्होंने टीम के साथ सुबह 11:00 से लेकर शाम 6:00 बजे तक पूरा इलाका छान मारा लेकिन वहां पर उन्हें सरकारी भूमि पर कशमल की जड़ें निकालते हुए कोई नहीं मिला।
आरआरटी की ओर से मसरूंड क्षेत्र में माइक से अनाउंसमेंट करके सभी लोगों को चेतावनी जारी कर दी है कि वे निजी भूमि से भी कशमल की जड़ों को न निकालें। इसके दोहन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस दौरान वन विभाग की टीमों ने सरोल, हरीपुर, बन्नू, मसरूंड सहित अन्य इलाकों में नाके लगाकर वाहनों की चेकिंग की।