हिमाचल प्रदेश की महत्वाकांक्षी उपोष्णकटिबंधीय बागवानी सिंचाई एवं मूल्यवर्धन परियोजना (एचपी शिवा) अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर रही है। दुबई के प्रतिष्ठित व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल अब्दुल्ला अल अली और सगीर खान ने हिमाचल के फलों और कट फ्लावर के निर्यात में गहरी रुचि दिखाई है। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह ठाकुर और एचपी शिवा पीएमयू टीम के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में दुबई सहित मध्यपूर्व देशों को हिमाचल में उत्पादित मीठे संतरे, अनार, गुलाब और कार्नेशन फूलों के निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा हुई। परियोजना निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि एचपी शिवा के तहत सात जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, ऊना, सोलन और सिरमौर में वैज्ञानिक ढंग से विकसित बागवानी क्लस्टर स्थापित किए गए हैं। इनमें उगाई जा रही उच्च उत्पादकता वाली किस्में रंग, आकार, मिठास और शेल्फ लाइफ के मामले में अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतर रही हैं। सहायक परियोजना निदेशक डॉ. रमल अंगारिया ने कहा कि एचपी शिवा परियोजना हिमाचल के किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है। किसानों को ग्रेडिंग, पैकेजिंग और निर्यात मानकों की जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।