पुराने चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर नालियां के पास सड़क की बदहाली बरसात में लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। बारिश होते ही सड़क का यह हिस्सा कीचड़ और दलदल में बदल जाता है। इससे वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग पर स्थायी समाधान के बजाय अस्थायी मरम्मत कर खानापूर्ति करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले साल बरसात के दौरान नालियां के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया था। उस समय विभाग ने मिट्टी डालकर सड़क को यातायात के लिए बहाल कर दिया था, लेकिन इसकी स्थायी मरम्मत नहीं की गई। अब इस साल बारिश शुरू होते ही सड़क की हालत दोबारा खराब हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क की समस्या केवल बरसात तक सीमित नहीं है। गर्मियों में यहां धूल के गुबार उड़ते हैं, जबकि बारिश के दौरान सड़क पूरी तरह कीचड़ और दलदल में बदल जाती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और अधिक मुश्किल हो जाती है। फिसलन के कारण उन्हें बेहद सावधानी से इस हिस्से को पार करना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार कार और अन्य वाहन भी कीचड़ में फंस जाते हैं, जिन्हें राहगीरों की मदद से बाहर निकालना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। पिछले वर्ष सड़क धंसने के बाद मिट्टी डालकर रास्ता तो बहाल कर दिया गया, लेकिन स्थायी कार्य नहीं होने से बारिश में फिर वही स्थिति पैदा हो गई। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क की स्थायी मरम्मत कराने और बरसात के दौरान लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा देने की मांग की है।