चार लेबर कोडों के विरोध और न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह लागू करने की मांग को लेकर सीटू की जिला कमेटी के नेतृत्व में मंगलवार को जिला बिलासपुर के मेहला स्थित मैक्स कंपनी की निर्माण साइट पर गेट रैली और विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनियन प्रधान बलबीर सिंह ठाकुर और साइट कामगार यूनियन के प्रधान रविंद्र कुमार ने की। रैली को संबोधित करते हुए सीटू जिला कमेटी के प्रधान लखनपाल शर्मा ने कहा कि देश इस समय आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार मजदूरों और मेहनतकश वर्ग के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का लाभ बड़े कॉरपोरेट घरानों को मिल रहा है, जबकि मजदूर वर्ग महंगाई, बेरोजगारी और शोषण से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक काम करने के बावजूद मजदूरों को उचित वेतन नहीं मिल रहा है। लगातार बढ़ रही महंगाई ने श्रमिकों के जीवन को और कठिन बना दिया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली-एनसीआर, पानीपत, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भी मजदूर संगठन केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। सीटू और विभिन्न ट्रेड यूनियनों की संयुक्त समिति ने मांग उठाई कि न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह तय किया जाए और चारों लेबर कोड तुरंत वापस लिए जाएं। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध स्वरूप श्रम संहिताओं की प्रतियां भी जलाईं। सभा को जिला कोषाध्यक्ष सीमा कौशल, कुलवंत ठाकुर, जिला सचिव विजय कुमार और बलवीर सिंह समेत अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। नेताओं ने मजदूरों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने का आह्वान किया।