किरतुपर नेरचौक फोरलेन
-एनएचएआई ने हाईकोर्ट में फाइल की रिपोर्ट में दी जानकारी
-किरतपुर से नेरचौक तक नौ फुट ओवरहेड पुलों का भी होगा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना के तहत नागचला, डडौर में दो व्हिकल अंडरपास बनाए जाएंगे। इनका निर्माण 22 करोड़ रुपये की लागत से होगा। यह जानकारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने हाईकोर्ट में फाइल की गई एक रिपोर्ट में दी है। इन अंडरपास का उद्देश्य स्थानीय लोगों, वाहनों के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित करना है, जिससे यातायात में सुधार होगा और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस फोरलेन पर 9 फुट ओवर ब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा। इनको बनाने के लिए करीब नौ करोड़ का खर्च होगा। साइट विजिट के अनुसार मोड़ा पुल की लंबाई 40 मीटर है। गरा में 40 मीटर लंबा पुल, री में 40 मीटर, नौलखा में 40 मीटर पुल का निर्माण होगा। कनैड में 36 मीटर लंबाई का यह पुल तैयार होगा। भौर/कनैड में 44 मीटर लंबाई, डडौर में 38 मीटर लंबा पुल निर्माण प्रक्रिया में है। डडौर और जरल में क्रमशः 45 मीटर के इन पुलों का काम भी जल्द शुरू होगा। हालांकि अभी एनएचएआई इन पुलों के लिए टेंडर अवार्ड करेगा। यह पुल और अंडरपास स्थानीय लोगों, फोरलेन पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के लिए बनाए जा रहे हैं। इससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि सड़क सुरक्षा और आवागमन में भी सुधार होगा।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने किरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना के तहत सुरक्षा उपायों की कमी और सड़क निर्माण में अनियमितताओं को लेकर 2023 में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। याचिका में कई मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की गई है। इनमें यू-टर्न और सड़क के अलाइनमेंट में बदलाव। फुटब्रिज, अंडरपास, स्ट्रीट लाइट और स्टील बैरिकेड्स जैसे बुनियादी सुरक्षा उपायों का अभाव है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन रोकने के लिए जाली और अन्य उपायों की कमी। जंगली जानवरों और पशुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाना। पानी की निकासी के लिए कलवर्ट और नालियों का निर्माण। डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) की समीक्षा और एनएचएआई के कार्यों की जांच। फोरलेन निर्माण के दौरान और उसके बाद हुए हादसों में मृतकों और घायलों के परिवारों को मुआवजा दिलाने की मांग शामिल है। इसी को लेकर हाईकोर्ट ने एनएचएआई से जवाब मांगा था। जिसपर यह जवाब फाइल किया गया है।