परियोजना के लिए कुल 8.0344 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का होगा अधिग्रहण
-पहले नौणी चौक से नम्होल तक की 37.6374 हेक्टेयर भूमि हो चुकी है अधिग्रहित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के तहत 13 गांवों में नौणी से भराड़ी तक अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन गांव में कुल 8.0344 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसमें से 3.4835 हेक्टेयर भूमि निजी है, जबकि 4.5509 हेक्टेयर भूमि सरकारी है। इस अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत 3 ए पब्लिकेशन फरवरी 2024 को जारी किया गया था।
इसके तहत स्योहला में 3.5561 हेक्टेयर, दगसेच में 1.7157 हेक्टेयर, बाग खुर्द में 0.7204 हेक्टेयर, खलोटा में 0.4883 हेक्टेयर, पड़गल में 0.6813 हेक्टेयर, चंगर पलासिया में 0.0542 हेक्टेयर, नोआ में 0.0151 हेक्टेयर, राजपुरा में 0.2640 हेक्टेयर, संगीरठी में 0.0361 हेक्टेयर, नम्होल में 0.1061 हेक्टेयर, सकरेड में 0.3042 हेक्टेयर, घ्याल में 0.0526 हेक्टेयर, निहारखन बासला में 0.0403 हेक्टेयर भूमि अतिरिक्त अर्जित की जानी है। प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की यह प्रक्रिया शिमला-मटौर फोरलेन निर्माण कार्य को गति देने के लिए जरूरी है, जो प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इससे पहले, शिमला-मटौर फोरलेन के तहत नौणी चौक से नम्होल तक की 37.6374 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। इसमें निजी भूमि 18.0990 हेक्टेयर और सरकारी भूमि 19.5384 हेक्टेयर शामिल है। इस भूमि अधिग्रहण के कारण 15 गांवों के लगभग 1488 परिवार प्रभावित हुए हैं। इसके साथ ही, भवन गिराने के नोटिस भी जारी किए गए हैं। यह फोरलेन परियोजना क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शिमला और मटौर के बीच सड़क मार्ग को चौड़ा करने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार, और आपूर्ति श्रृंखला में भी सुधार होगा। यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी और यात्रियों के लिए भी सुविधा बढ़ाएगी।
कोट
नौणी से भराड़ी तक अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर काम शुरू हुआ है। जल्द ही इसे पूरा कर दिया जाएगा।
अभिषेक कुमार गर्ग, भू अर्जन अधिकारी बिलासपुर