देशव्यापी एक-दिवसीय बैंक हड़ताल का असर मंगलवार को यमुनानगर जिले में व्यापक रूप से देखने को मिला। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत सभी प्रमुख सरकारी बैंकों की अधिकांश शाखाएं बंद रहीं, जिससे जिलेभर में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। शाखाओं के बाहर दिनभर ताले लटके रहे और दूर-दराज़ से आए उपभोक्ताओं को मायूस होकर लौटना पड़ा। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर की गई। बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि बैंकों में सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू किए जाएं तथा पहले से लंबित समझौतों को शीघ्र प्रभावी किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में सहमति बनने के बावजूद अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। ग्राहकों को झेलनी पड़ी भारी दिक्कतें बैंकों के बंद रहने से यमुनानगर शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से आए उपभोक्ताओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस, पासबुक अपडेट और ऋण से जुड़े कार्य नहीं हो सके। सबसे ज्यादा परेशानी पेंशनधारकों, बुजुर्गों और छोटे व्यापारियों को हुई, जिन्हें बैंक पर निर्भर रहना पड़ता है। डिजिटल सेवाओं से मिली कुछ राहत हालांकि हड़ताल के दौरान यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहीं, जिससे कुछ ग्राहकों ने डिजिटल माध्यमों से लेन-देन किया। अधिकांश एटीएम भी कार्यरत रहे, लेकिन कुछ इलाकों में नकदी की कमी की शिकायतें सामने आईं। प्राइवेट बैंक रहे खुले जिले में प्राइवेट सेक्टर के बैंक सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। ऐसे में कई उपभोक्ताओं ने मजबूरी में निजी बैंकों का सहारा लेकर अपने आवश्यक कार्य निपटाए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी बैंक यूनियनों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसका सीधा असर आम जनता की बैंकिंग सुविधाओं पर पड़ सकता है।