अमेरिका और भारत के बीच हुए कृषि समझौते के विरोध में आज भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ने जिला सचिवालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले फूंक कर रोष जताया। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इससे पहले संगठन की जिला स्तरीय बैठक जगाधरी अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में जिला उपाध्यक्ष गुरमेज सिंह कपूरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में 23 मार्च को पिपली में प्रस्तावित किसान-मजदूर जन क्रांति रैली को सफल बनाने के लिए पदाधिकारियों की ड्यूटियां लगाई गईं। जिला अध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किया गया कृषि समझौता देश के किसानों के हित में नहीं है। किसान नेताओं का आरोप है कि समझौते के तहत अमेरिका से कृषि उत्पादों का आयात शून्य प्रतिशत टैक्स पर होगा, जबकि भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले सामान पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में अधिकांश किसान दो एकड़ भूमि पर खेती कर अपनी जीविका चलाते हैं, जबकि अमेरिका में हजारों एकड़ में व्यावसायिक खेती की जाती है। ऐसे में भारतीय किसान प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। नेताओं ने आशंका जताई कि यदि डेयरी उत्पाद, कपास, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों का बड़े पैमाने पर आयात हुआ तो स्थानीय किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह डील रद्द नहीं की तो 23 मार्च की रैली में आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के खिलाफ भी नारेबाजी की गई और बुजुर्गों की पेंशन में कटौती के विरोध में उनका पुतला फूंका गया। इस मौके पर जिला युवा अध्यक्ष संदीप टोपरा, जिला महासचिव गुरवीर सिंह, जिला उपाध्यक्ष कृष्ण पाल सुढ़ल, महिला महासचिव रीटा चहल, जिला संगठन सचिव राजीव, जिला सचिव विक्रांत व्यासपुर समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।