कलानौर क्षेत्र के बसाना गांव की सीमा से लगती ड्रेन नंबर-8 रविवार तड़के करीब 6 बजे टूट गई। ड्रेन टूटने से आसपास की करीब 70 से 80 एकड़ कृषि भूमि में पानी भर गया। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। कार्यकारी अभियंता अरुण मुंजाल ने बताया कि अधिक पानी के दबाव और अनधिकृत पंप सेट चलने की वजह से ड्रेन का किनारा टूटा है। विभागीय कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 9:30 बजे तक ड्रेन के टूटे हुए हिस्से पर मिट्टी डालकर उसे दुरुस्त कर दिया। गनीमत रही कि इस समय धान की रोपाई ही हुई है। इसलिए फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। उधर, शनिवार को जिले में हुई मूसलाधार बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। जिले में औसत 108.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि अकेले रोहतक शहर में 126 मिमी पानी बरसा। जलभराव के कारण कई निचले इलाके पानी में डूब गए। विधायक भारत भूषण बत्रा ने स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पहली बारिश का संकट नहीं है। हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने और बड़े दावों के बावजूद शहर के वही इलाके दोबारा डूबते हैं। उन्होंने कहा, "अगर पहली बारिश में ही यह हाल है तो लगातार बारिश में शहर का क्या होगा। रोहतक की यह अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं होगी।"