मंडी में धान की आवक बढ़ती जा रही है। फतेहाबाद के मिलर की खरीद क्षमता भी 4000 क्विंटल बढ़ा दी गई है। इसके बावजूद किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मंडी अब तक 130635 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 91543 क्विंटल धान की खरीद भी चुकी है। उठान की धीमी गति के कारण धान के बैग शैड व परिसर मेें रखे हैं। बारिश में बचाव के भी कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। पहले हुई बारिश में इसके परिणाम देखने को मिल चुके हैं। धान पर पानी की मार इस कद्र पड़ी थी, धान दोबारा अंकुरित हो गया था। उठान की धीमी गति के कारण किसानों को मंडी सड़काें पर ही धान उतारना पड़ रहा है। शैड खाली होने से किसान वहां धान उतार सकेंगे। धान को नमी व रंग के आधार पर खरीदने से इंकार किया जा रहा है। पहले कई दिनों में खरीद का नंबर आता है। फिर धान को बेरंग बताकर खरीदने से इंकार किया जाता है। शेड मेें धान के बैग रखें है। ऐसे में बाहर रखा धान भीगने का खतरा रहता है। सरकार को किसान की स्थिती समझनी चाहिए। परमदीप, चरखी दादरी फतेहाबाद मिलर की खरीद क्षमता 4000 क्विंटल बढ़ा दी गई है। उठान जारी है। जल्द ही मंडी से सारे बैग उठा लिए जाएंगे। मंडी परिसर में आढ़ती के बैग की जिम्मेदारी उनकी है। उनको भीगने से बचाने के इंतजाम उनको करना चाहिए। इसलिए ही सरकार उन्हें कमीशन देती है। -रोहतास दहिया, डीएम, हरियाणा वेयरहाउस कार्पोरेशन रोहतक। जिस आढ़ती की दुकान पर धान बिका है, बारिश से बचाव की जिम्मेदारी उसकी है लेकिन सरकार को भी इसमें आढ़तियों की मदद करनी चाहिए। -मुकेश, आढ़ती एसोसिएशन प्रधान।