स्वास्थ्य विभाग डेंगू की रोकथाम के लिए जगह-जगह जमा बरसात के पानी में मिट्टी के तेल के गोले बनाकर डाल रहा है। यह प्रक्रिया मच्छरों को अंडे देने से रोकने और उनके लार्वा को खत्म करने में मदद करती है, जिससे डेंगू के प्रसार को कम किया जा सके। इसके अलावा विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर भी डेंगू से बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दे रही है। वहीं, विभाग की ओर से स्वास्थ्य केंद्रों पर अभी तक 1434 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। जिसमें 17 डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि मलेरिया के 7 केस भी मिल चुके हैं। इनमें से डेंगू पॉजिटिव 4 मरीजों को शनिवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू पसार रहा पांव जिले के ग्रामीण क्षेत्र में डेंगू पांव पसार रहा है। यही कारण है एक के बाद एक डेंगू के 17 केस सामने आ चुके हैं। इनमें से करीब 13 केस ग्रामीण क्षेत्र के हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ठंड होने पर मच्छरों की संख्या कम होगी, लेकिन लोगों के अंदर डेंगू का खौफ बरकरार है।