जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को युवाओं को ड्राइविंग, गन व अन्य लाइसेंस के लिए स्वास्थ्य जांच प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए परेशानी हुई। पंजीकरण न होने से कुछ युवाओं को बिना प्रमाण-पत्र बनवाए ही लौटना पड़ा अब उन्हें दोबारा अस्पताल में आना पड़ेगा। सोमवार को ओपीडी लगभग 1500 रही। इसमें खांसी-जुकाम और वायरल बुखार के मरीज ज्यादा रहे। सर्दी बढ़ने के साथ अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। जिला नागरिक अस्पताल में एक दिन की ओपीडी 1500 के आस-पास रहने लगी है। रविवार को ओपीडी बंद होने से सोमवार को मरीजों की लाइन लगनी सुबह ही शुरू हो गई जो दोपहर तीन बजे तक चली। इसमें ज्यादातर युवा स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र बनवाने वाले रहे। जिन्हें जांच के लिए बार-बार चिकित्सकों को कक्ष के चक्कर काटने पड़े। भीड़ बढ़ने से कुछ युवाओं को बिना प्रमाण-पत्र बनवाए ही लौटना पड़ा। समालखा से पहुंचे अमित ने बताया कि वह ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए दोपहर एक बजे अस्पताल पहुंचा था लेकिन भीड़ होने से वह एक घंटा लाइन में लगा रहा उसके बाद पंजीकरण न होने के कारण उसे बिना जांच व प्रमाण-पत्र के ही लौटना पड़ा। पंजीकरणकर्ताओं ने कहा कि आगे से ही पंजीकरण नहीं हो पा रहा है इसलिए कल आना। अब उसे कल दोबारा अस्पताल आना पड़ेगा और पंजीकरण करवाकर स्वास्थ्य जांच और प्रमाण-पत्र बनवाना पड़ेगा। वहीं सर्दी बढ़ने से अस्पताल में खांसी-जुकाम के मरीज बढ़ने लगे हैं। अस्पताल में ज्यादातर मरीज फिजिशियन के पास ही पहुंच रहे हैं। फिजिशियन ने बताया कि मौसम बदलने से मरीजों की संख्या थोड़ी बढ़ी है। लोगों को बदलते मौसम स्वास्थ्य का अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए।