राजस्थान के बागड़ धाम में दर्शन के लिए निकले श्रद्धालुओं का जत्था शनिवार देर रात 11 बजे घरौंडा में एक हादसे का शिकार हो गया। अनोखा कॉलोनी से करीब 60 महिला, पुरुष और बच्चों को लेकर जा रहे कैंटर के ऊपर हाईटेंशन बिजली की लाइन टूटकर गिर गई। तार के संपर्क में आते ही कैंटर में करंट दौड़ गया और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। आग लगने के बाद कैंटर के टायर भी तेज धमाके के साथ फट गए। हादसे में करीब 20 श्रद्धालु झुलस गए, जबकि कैंटर के पास खड़े रिटायर्ड फौजी नरेश कुमार (47) की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कैंटर में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। कई श्रद्धालुओं ने किसी तरह कैंटर से कूदकर अपनी जान बचाई। आसपास के लोग भी आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे और घायलों को कैंटर से बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को घरौंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सात घायलों को उनकी हालत को देखते हुए करनाल रेफर किया गया। अधिक श्रद्धालु बैठाने के लिए बढ़ाई थी कैंटर की ऊंचाई : पुलिस की शुरुआती जांच में हादसे की एक बड़ी वजह कैंटर की ऊंचाई बढ़ाना सामने आई है। बताया गया है कि अधिक श्रद्धालुओं को बैठाने के लिए कैंटर के ऊपर लोहे के पाइप और रैक लगाकर अतिरिक्त व्यवस्था की गई थी। इससे कैंटर की ऊंचाई करीब तीन फीट तक बढ़ गई थी। श्रद्धालुओं का जत्था शनिवार रात करीब दस बजे घरौंडा की अनोखा कॉलोनी से राजस्थान के बागड़ धाम के लिए रवाना हुआ था। कैंटर कुछ ही दूरी चला था कि उसका ऊपरी हिस्सा सड़क के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। तार टूटकर कैंटर पर गिर गया और पूरे वाहन में करंट फैल गया। करंट फैलते ही कैंटर में लगी आग, टायर भी फटे : हाईटेंशन तार कैंटर के संपर्क में आते ही उसमें सवार श्रद्धालुओं को करंट के झटके लगे। इसी दौरान वाहन में आग लग गई। आग बढ़ने के साथ कैंटर के टायर भी धमाके के साथ फट गए। अचानक हुए इस घटनाक्रम से कैंटर में बैठे लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई श्रद्धालु जान बचाने के लिए कैंटर से नीचे कूद गए। जो लोग करंट और आग की चपेट में आए, वे झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। कैंटर के पास खड़े थे नरेश, तार की चपेट में आने से मौत : हादसे में जान गंवाने वाले रिटायर्ड फौजी नरेश कुमार कैंटर के पास खड़े थे। बताया गया है कि हाईटेंशन तार टूटकर उनकी ओर आया और वह उसकी चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। नरेश कुमार दो बच्चों के पिता थे। उनके परिवार का सेना से भी पुराना संबंध बताया गया है। उनका भाई महेंद्र भी सेना में है, जबकि उनके पिता सतपाल भी रिटायर्ड फौजी हैं। हादसे में परिवार ने अपना सदस्य खो दिया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े आसपास के लोग : हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। बिजली की टूटी लाइन के कारण मौके पर जाना भी जोखिम भरा था। स्थानीय लोगों ने सावधानी से श्रद्धालुओं को कैंटर से बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू की। घरौंडा अस्पताल में अचानक पहुंचे बड़ी संख्या में घायल : हादसे के बाद घायलों को घरौंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। अचानक बड़ी संख्या में घायल पहुंचने से अस्पताल का स्टाफ भी सक्रिय हो गया। चिकित्सकों के अनुसार कई लोग करंट लगने से झुलसे थे, जबकि कुछ को हादसे के दौरान चोटें भी आई थीं। घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को बेहतर उपचार के लिए करनाल भेजा गया। इनमें से सात मरीजों को करनाल रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। कुछ लोग प्राथमिक उपचार के बाद अपनी सुविधा के अनुसार अन्य अस्पतालों में भी चले गए।