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नारनौल: नागरिक अस्पताल में नहीं मिल रहा प्लास्टर का सामान, मरीजों को हो रही परेशानी

अगर आपका किसी दुर्घटना में हाथ पैर टूट जाता है तो नागरिक अस्पताल में प्लास्टर का सामान भी साथ लेकर आए। क्योंकि इन दिनों प्लास्टर के लिए जरूरी सामान पीओपी व पट्टियां खत्म है। ऐसे में मरीज अपने टूटे हाथ पैर को संभाले या फिर प्लास्टर के लिए सामान खरीदे। आजकल ऐसा ही नजारा नारनौल के नागरिक अस्पताल में देखने को मिल रहा है। इतना ही नहीं प्लास्टर के सामान पर करीब 500 रुपये का मरीज पर अतिरिक्त भार भी पड़ रहा है। जैसे ही हड्डी रोग विशेषज्ञ मरीज को प्लास्टर करवाने के लिए प्लास्टर कक्ष में भेजता है तो बताया जाता है कि प्लास्टर करवाने का सामान बाहर से लाना पड़ेगा। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 मरीजों के प्लास्टर किए जाते हैं। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को मजबूरी में निजी मेडिकल स्टोर से पट्टियां खरीदकर लानी पड़ रही हैं, जिससे उनके इलाज का खर्च बढ़ गया है। जानकारी के अनुसार नागरिक अस्पताल नारनौल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी प्रतिदिन लगभग 200 से 250 मरीजों की रहती है। इनमें दुर्घटना, गिरने या अन्य कारणों से हाथ-पैर टूटने और फ्रैक्चर के मरीजों की संख्या भी काफी अधिक होती है। लेकिन अस्पताल में प्लास्टर के लिए जरूरी पट्टियां खत्म होने के कारण मरीजों को तुरंत सुविधा नहीं मिल पा रही है। मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की उम्मीद से वे यहां आते हैं, लेकिन अब उन्हें प्लास्टर करवाने के लिए बाहर से सामान खरीदना पड़ रहा है। एक बार प्लास्टर करवाने पर मरीज को करीब 500 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी का कारण बन रहा है।

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