नारनौल क्षेत्र के आरा मशीन संचालकों ने वन विभाग के एक वन रक्षक पर अवैध वसूली और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में संचालकों ने शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। आरा मशीन संचालकों का कहना है कि वे अपनी मशीनों के लिए सूखी लकड़ी किसानों के खेतों से लाते हैं, जो तेज हवा और आंधी के कारण टूटकर गिर जाती है या किसानों द्वारा स्वयं काटी गई सूखी लकड़ी होती है। इसके अलावा वे अटेली और राजस्थान क्षेत्र से भी लकड़ी लेकर नारनौल आते हैं। आरोप है कि इस दौरान वन रक्षक हंसराज ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रास्ते में रोक लेता है और उन्हें छोड़ने के एवज में हजारों रुपये की मांग करता है। संचालकों का कहना है कि जब वे पैसे देने से मना करते हैं तो ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया जाता है और कई बार मारपीट पर भी उतारू हो जाता है। उन्होंने बताया कि गत दिवस भी वन रक्षक ने उनके एक साथी पप्पू सैनी के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि संबंधित वन रक्षक के खिलाफ पहले से ही जांच लंबित है और उसकी कार्यशैली विभागीय नियमों के खिलाफ है। आरोप लगाया कि वह लंबे समय से आरा मशीन संचालकों और किसानों को परेशान कर रहा है। साथ ही महेंद्रगढ़ रोड पर सरकारी पेड़ों की कटाई की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। इस मौके पर लालाराम, कृष्ण, विजय कुमार, शिवचरण, बबलू, नवीन, पप्पू, पंकज कुमार, चिरंजी, लख्मीचंद, अजय, ओमप्रकाश और बनवारी लाल सहित अन्य आरा मशीन संचालक मौजूद रहे। वहीं, वन राजिक अधिकारी रजनीश कुमार ने बताया कि आरा मशीन संचालकों की ओर से वन रक्षक के खिलाफ शिकायत मिली है। मामले की जांच करवाई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।