कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर में उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ महापर्व का पावन समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने सूर्य उदय से पहले ब्रह्मसरोवर के जल में कई घंटों तक खड़े रहकर सूर्य की पहली किरण को अर्घ्य अर्पित किया और छठी मैया का पूजन कर अपना 48 घंटे का निर्जला व्रत खोला। व्रत पूरा करने के बाद, सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर आए श्रद्धालुओं ने अब अपने घरों की ओर लौटना शुरू कर दिया है।