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जींद: गतौली गांव में सरपंचों की हुई बैठक, सरकार के खिलाफ एक बार फिर हुए लामबंद

क्षेत्र के गतौली गांव में सरपंच एसोसिएशन की एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के अनेक गांवों के सरपंचों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान सुधीर बुआना ने की। बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश सरकार की नीतियों और ग्राम पंचायतों से जुड़े नए कानूनों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रधान सुधीर बुआना ने कहा कि वर्तमान सरकार गांवों के विकास को बढ़ावा देने के बजाय विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा हाल ही में लाया गया नया कानून पूरी तरह से अव्यवहारिक है, जिसमें यह प्रावधान किया गया है कि गांव की कुल आबादी का कम से कम 40 प्रतिशत हिस्सा ग्राम सभा में मौजूद होगा, तभी उसे मान्य ग्राम सभा माना जाएगा और विकास कार्यों को मंजूरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी, खेती और अन्य कारणों से इतने लोगों का एक साथ ग्राम सभा में उपस्थित होना बेहद कठिन है। सुधीर बुआना ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर सरपंचों और पंचायतों पर नए-नए कानून थोप रही है, ताकि विकास कार्यों की गति को धीमा किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरपंचों को जनता द्वारा चुना जाता है और वे गांव के विकास के लिए दिन-रात काम करते हैं, लेकिन सरकार उनके अधिकारों में कटौती कर रही है। इससे न केवल पंचायत प्रतिनिधियों का अपमान हो रहा है, बल्कि ग्रामीण जनता भी विकास से वंचित हो रही है। इस तरह के नियमों से गांवों में सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों पर असर पड़ेगा। सरपंचों ने कहा कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो सरपंच एसोसिएशन प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होगी। इस माैके पर सरपंच महेंद्र लाठर, सोल्जर, रोहतास, गोविंद, नरेश, चाप सिंह, संदीप, सतीश नैन, कुलदीप, नरेश आदि मौजूद रहे।

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