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जींद: डिलिवरी के लिए अस्पताल में आई महिला की मौत, बच्चे ने भी गर्भ में तोड़ा दम

कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलिवरी के लिए आई महिला और उसके होने वाले बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। लजवाना कलां गांव निवासी संदीप ने बताया कि उसके छोटे भाई की पत्नी 30 वर्षीय स्वीटी को तीसरा बच्चा होना था। प्रसव पीड़ा के दौरान महिला को सोमवार सुबह करीब 11 बजे जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने बताया कि महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है। डॉक्टरों ने महिला को इंजेक्शन लगाया और आधे घंटे तक इंतजार करने के लिए कहा। कुछ देर बाद स्वीटी ने कहा कि उसके सिर में तेज दर्द हो रहा है। परिजन डॉक्टर के पास गए लेकिन डॉक्टर नहीं आए और स्वीटी के मुहं से झाग आने से महिला की मौत हो गई। वहीं, गर्भ में बच्चे की मौत हो गई। स्वीटी की मौत के बाद दो बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। स्वीटी को पहले एक सात साल की लड़की और एक तीन साल का लड़का है। स्वीटी को तीसरा बच्चा होना था। चिकित्सकों ने 27 अक्तूबर को डिलिवरी की तारीख दी थी लेकिन डिलिवरी होने से पहले ही महिला की मौत हो गई। दस दिन महिला को पीजीआई रोहतक में दांत के इलाज के लिए लेकर गए थे लेकिन बीपी की ज्यादा दिक्कत होने के कारण उन्होंने दवाई दे दी थी। आज सुबह महिला अस्पताल में आई थी। बीपी की वजह से समस्या हो गई। इलाज के दौरान महिला को दौरा आ गया और महिला की मौत हो गई। - डॉ संजीव शर्मा, एसएमओ जुलाना।

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